नयी दिल्ली, एक नवंबर (ए) दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले एक बार फिर बढ़ने लगे हैं। वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है और सर्दियों का मौसम भी शुरू हो गया है। ऐसे में इस वायरस के संक्रमण को लेकर स्थिति खराब होने संबंधी चिंता भी बढ़ गई है। साथ ही, देश और दुनिया में कोविड-19 टीके को लेकर लगातार परीक्षण चल रहे हैं। इस बारे में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स-दिल्ली) के ‘कम्युनिटी मेडिसिन’ विभाग के प्रमुख एवं कोरोना वायरस रोधी टीका संबंधी परीक्षण के मुख्य अन्वेषक डॉक्टर संजय राय न समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा कि हम दो चरणों का परीक्षण कर चुके हैं। पहले चरण का परीक्षण कारगर रहा है। दूसरे चरण के परीक्षण का अभी विश्लेषण चल रहा है। लेकिन नियामक प्राधिकरण तीसरे चरण में जाने की अनुमति दे रहा है तो इसका मतलब है कि वे सारी रिपोर्ट से संतुष्ट हैं। अब तक जो भी साक्ष्य हैं, उन्हें संतोषजनक कहा जा सकता है। अगर सबकुछ ठीक रहा तो अगले साल फरवरी-मार्च में टीका आने की संभावना है।उन्होंने कहा कि दिल्ली में जून के आखिर में जब करीब चार हजार मामले आए थे तो उस वक्त कुल जांच के अनुपात में संक्रमण की दर 20 फीसदी से अधिक थी। अगर आज की जांच दर से तुलना करें तो इस वक्त 8 -10 हजार मामले आने चाहिए। इसलिए अभी यही कहा जाएगा कि जून में इससे अधिक मामले थे। वैसे, दिल्ली में हम संक्रमण की बेसलाइन (आधार रेखा) तक अभी पहुंचे ही नहीं हैं। यह कहना बहुत ही मुश्किल है कि यह कोरोना की यह दूसरी या तीसरी लहर है।
