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चोरी हुई बुलेट की सवारी करना दारोगा को पड़ा महंगा, हुए निलंबित, जांच शुरू

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पटना, 26 दिसम्बर एएनएस। वाहन चोरों द्वारा चोरी किए गये गाडिय़ों का उपयोग पुलिस के लोग करते है ऐसा पहले लोग कहते थे किन्तु इस तरह का मामला तब सामने आया जब बिहार की राजधानी पटना के एसकेपुरी थाना क्षेत्र से पांच साल पूर्व दिवाकर कुमार की चोरी गई बुलेट झारखंड के दुमका में तैनात दारोगा अखलाक खान के पास मिलने से मामले में पटना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। इस मामले का सत्यापन करने के लिए शुक्रवार को एक टीम दुमका के लिए रवाना की गई है। इस बीच चोरी की बुलेट चलाने के मामले में वहां के पुलिस अधीक्षक अंबर लकड़ा द्वारा आरोपित दारोगा अखलाक खान को निलंबित किया गया है। जानकारी के अनुसार बुलेट चोरी होने की एफआईआर पीड़ित की ओर से पांच साल पहले एसकेपुरी थाने में दर्ज कराई गई थी। दुमका के दारोगा अखलाक खान द्वारा पटना से चोरी की बुलेट चलाने का खुलासा तब हुआ जब वहां की सर्विस सेंटर द्वारा गाड़ी के रजिस्टर्ड नंबर पर मैसेज भेजा गया। यह मैसेज दिवाकर को कंपनी के आटोमेटड मैसेजिंग सिस्टम से जॉब कार्ड रजिस्टर्ड होने तथा इस्टीमेटेड चार्ज का गया था। 

मैसेज मिलने के बाद बुलेट के मालिक दिवाकर ने सर्विस सेंटर के कंसल्टेंट अनिल कुमार से संपर्क साधा तो उन्हें बताया गया कि यह बुलेट दुमका मुफस्सिल थाने के दारोगा अखलाक खान द्वारा सर्विस के लिए दी गई थी। पीड़ित बुलेट मालिक की ओर से इसकी शिकायत दुमका के डीआईजी से की गई। मामला सही पाने पर वहां के पुलिस अधीक्षक ने आरोपित दारोगा को सस्पेंड कर दिया। इसकी सूचना पर पटना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

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