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जल संसाधनों, ऊर्जा पर भविष्योन्मुखी फैसले लेने में भी आंबेडकर की महत्वपूर्ण भूमिका थी: पवार

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मुंबई, 21 अक्टूबर (ए) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार ने शनिवार को कहा कि देश के लिए भीम राव आंबेडकर का योगदान सिर्फ संविधान तक ही सीमित नहीं है, बल्कि जल संसाधनों, ऊर्जा पर अहम एवं भविष्योन्मुखी फैसले लेने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी।.

आंबेडकर की किताब ‘द प्रॉब्लम ऑफ द रुपी: इट्स ओरिजिन एंड इट्स सॉल्यूशन’ के 100 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम में पवार ने कहा कि देश में संसदीय लोकतंत्र को संरक्षित करने के लिए आंबेडकर श्रेय के हकदार हैं।.

आंबेडकर 1942 से 1946 तक वायसराय की कार्यकारी परिषद के सदस्य थे, जो श्रमिक, पानी और बिजली के लिए जिम्मेदार थी। राकांपा प्रमुख ने कहा, ‘‘वर्तमान पीढ़ी केवल संविधान के प्रति उनके योगदान (मसौदा समिति के अध्यक्ष के रूप में) से अवगत है।’’

महाराष्ट्र के चार बार मुख्यमंत्री रह चुके पवार ने कहा कि आंबेडकर ने पानी के उपयोग और इसके बुनियादी ढांचे के निर्माण पर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिये। उन्होंने कहा कि सतलुज नदी पर बने भाखड़ा नांगल बांध और पश्चिम बंगाल तथा झारखंड में संचालित सार्वजनिक क्षेत्र की बिजली उत्पादन कंपनी दामोदर घाटी निगम के गठन का महत्वपूर्ण निर्णय आंबेडकर के कार्यकाल के दौरान लिया गया था।

पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि भाखड़ा नांगल बांध ने पंजाब और हरियाणा के लिए सिंचाई क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे दोनों राज्यों में कृषि विकास को बढ़ावा मिला। पवार ने कहा, ‘‘(बांधों के निर्माण पर) यह निर्णय लेते समय उन्हें यह भी पता था कि इन बांधों से बिजली पैदा करना कितना महत्वपूर्ण है।’’

राकांपा नेता ने राज्य स्तर पर बिजली उत्पादन को सक्षम करने के लिए राज्य बिजली बोर्ड की नींव रखने और बिजली उत्पादन नहीं करने वाले राज्यों में बिजली ले जाने के संबंध में ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया की स्थापना को लेकर भी आंबेडकर को श्रेय दिया। पवार ने कहा, ‘‘आंबेडकर द्वारा लिये गए निर्णयों का लाभ लोग अभी भी उठा रहे हैं।’’

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