नई दिल्ली-मुंबई, 21जून (ए)। देश में कोरोना की तीसरी लहर को लेकर हो रही आशंका के बीच महाराष्ट्र में डेल्टा प्लस वैरिएंट से संक्रमित मरीजों के मिलने से अफरा-तफरी मच गई है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स, नई दिल्ली) के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने रविवार को बताया कि वायरस का लवेरिया डेल्टा रूप बी1.617.2 का आक्रामक रूप है। संभव है कि यह इम्युनिटी को आसानी से धोखा दे सकता है।
डॉक्टर गुलेरिया ने बताया कि भारत में वायरस के417एन नाम के साथ एक और म्यूटेशन कर रहा है। ब्रिटेन में कोरोना का डेल्टा वैरिएंट तेजी के साथ बढ़ रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इसे अभी वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट (वीओआई) की श्रेणी में रखा है। हालांकि वायरस का यह रूप समय के साथ आक्रामक हुआ तो इसे भी वैरिएंट ऑफ कन्सर्न की श्रेणी में रखना होगा।
दूसरी लहर की धीमी गति के बीच कोविड का पालन नहीं किया गया तो भारत में वायरस का यह रूप आक्रामक तरीके से फैल सकता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में वायरस के बयान खतरे से बचने के लिए वायरस के स्पाइक पर नजर रखनी होगी। जीनोम सीक्वेंसिंग पर जोर देना होगा ताकि पता चले कि डेल्टा डेल्टा की क्या स्थिति है और इसका क्या प्रभाव पड़ रहा है।
