मेरठ: 29 मार्च (ए) उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में पुलिस ने पांच वर्ष पहले प्रसव के ऑपरेशन के दौरान पेट में रुई का बंडल छोड़ने के मामले में महिला की शिकायत पर संबंधित महिला चिकित्सक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
टीपी नगर थाना प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) सुबोध कुमार सक्सेना ने बताया कि रासना गांव में रहने वाली पीड़िता रजनी शर्मा की शिकायत और अदालत के आदेश पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गयी है।उन्होंने बताया कि अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एएसीजेएम)-दो प्राची अगवाल के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज की गयी है।
पुलिस के अनुसार, अदालत में दायर याचिका में रजनी शर्मा ने आरोप लगाया कि 30 जून 2018 को उन्होंने सिरोही नर्सिंग होम में बेटी को जन्म दिया था। याचिकाकर्ता ने बताया कि डॉ. शिखा जैन ने प्रसव ऑपरेशन किया था और प्रसव के बाद लगातार उनके पेट में दर्द रहने लगा। रजनी शर्मा ने अदालत को बताया कि वह कई बार डॉ. शिखा जैन के पास गयी और उन्होंने कई बार चेकअप भी किया और पेट में अल्सर होने की बात कहते हुए दवा दे दी, जिससे आराम नहीं मिला और हालत लगातार बिगड़ती चली गयी। याचिकाकर्ता ने बताया कि डॉ. शिखा जैन ने उसे ऑपरेशन कराने की सलाह दी और इसमें करीब चार से पांच लाख रुपये का खर्च बताया। पीड़िता ने बाद में मेडिकल कॉलेज में अपना उपचार कराया, जहां दो ऑपरेशन हुए। रजनी ने कई अधिकारियों समेत मुख्य चिकित्सा अधिकारी से मामले की शिकायत की और जांच में सामने आया कि डॉ. शिखा जैन की लापरवाही से ऑपरेशन के दौरान उनके पेट में रुई रह गई थी। आरोपी महिला चिकित्सक शिखा जैन ने बातचीत में महिला द्वारा लगाए गए तमाम आरोपों को सिरे से नकाराते हुए कहा कि ऐसा कुछ नहीं है और यह सिर्फ पैसा ऐंठने का एक तरीका है।
डॉ. जैन ने महिला के आरोपों पर कहा कि रजनी के पहले भी ऑपरेशन हुए हैं और मैंने कोई अकेले ऑपरेशन नहीं किया। महिला के तीन ऑपरेशन हो चुके हैं और फिर तीन-चार साल में कोई मरीज मेरे पास आएगा नहीं तो मुझे क्या पता कि उसने तीन-चार साल में क्या कराया है और क्या नहीं कराया। वहीं मेरठ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कटारिया ने महिला की शिकायत के बारे में बताया कि महिला ने उनके कार्यालय में आकर शिकायत की है और उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।