लखीमपुर खीरी,27 जनवरी (ए)। यूपी के लखीमपुर खीरी जिले के
तिकुनिया हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने के बाद केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के बेटे मुख्य आरोपी आशीष मिश्र को शुक्रवार की शाम जिला कारागार से रिहा कर दिया गया। वह पिछले 279 दिन से जिला कारागार में अपने अन्य 13 साथियों के साथ जेल में बंद था। जिला कारागार के पिछले दरवाजे से आशीष मिश्र मोनू को गुपचुप रिहा कर दिया गया।
एडीजे प्रथम अदालत ने जमानतदारो की सत्यापन रिपोर्ट मिलने के बाद शुक्रवार को जिला जेल में रिहाई आदेश भेजा, जहां सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई सशर्त अंतरिम जमानत के संबंध में अंडरटेकिंग दाखिल करने पर आशीष मिश्र मोनू को रिहा कर दिया गया। गौरतलब है कि
तीन अक्तूबर 2021 को तिकुनिया में हुई हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोग मारे गए थे। मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के पुत्र आशीष मिश्र मोनू को मुख्य आरोपी बनाया गया है। आशीष मिश्र को जेल से दूसरी बार रिहा किया गया है। इससे पूर्व हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने जमानत अर्जी पर सुनवाई के बाद आशीष मिश्र मोनू की रिहाई दे दी थी। हालांकि बाद में सुप्रीम कोर्ट ने जमानत आदेश को रद्द कर दिया था। इसी के बाद दोबारा जमानत आदेश पर सुनवाई हुई तो हाईकोर्ट लखनऊ बेंच ने जमानत देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद से ही मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित चल रहा था।
बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने आशीष मिश्र मोनू को आठ सप्ताह के लिए अंतरिम जमानत पर रिहाई करने का आदेश जारी किया, जिसके चलते बुधवार को तीन-तीन लाख रुपये के दो जमानतदार दाखिल किए गए थे। शुक्रवार को दोनों जमानत के संबंध में सत्यापन रिपोर्ट मिलने के बाद प्रथम एडीजे अदालत ने रिहाई के आदेश भेज दिए। साथ ही जिला कारागार खीरी को सशर्त आदेश के संबंध में अंडरटेकिंग भेजी थी, जिसे मंजूरी करते ही आशीष मिश्र मोनू की रिहाई मुकम्मल हो गई और गुपचुप तरीके से जेल के पिछले दरवाजे से उसे रिहा किया गया।
अपने एक अन्य साथी के साथ आशीष मिश्र सफेद रंग की सीडान गाड़ी में बैठकर शाहपुरा कोठी स्थित अपने घर के लिये रवाना हो गया। हालांकि, उसे पुलिस को अपनी लोकेशन की जानकारी देनी होगी और यूपी व दिल्ली से बाहर पनाह लेनी होगी।
