महाकुंभ में नागा संतों ने पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प

राष्ट्रीय
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महाकुंभ नगर (उप्र): 15 फरवरी (ए) महाकुंभ के सेक्टर-20 में ‘वाटर वुमेन’ के नाम से प्रसिद्ध और गैर सरकारी संगठन पंचतत्व फाउंडेशन की संस्थापक शिप्रा पाठक की अगुवाई में शनिवार को नागा साधुओं ने नदी को स्वच्छ रखने का संकल्प लिया।

पाठक ने संवाददाताओं से कहा, “पर्यावरण संरक्षण को लेकर यदि आज हम नहीं जागे तो आने वाली पीढ़ियां महाकुंभ के मोक्ष और पुण्य को तरस जाएंगी। करोड़ों की संख्या में लोग मोक्ष प्राप्त करने यहां आते हैं और गंगा स्नान करने के बाद घाटों पर कचरा छोड़ जाते हैं।”उन्होंने कहा कि नदियों को स्वच्छ करने के प्रयास में नागा साधु महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं क्योंकि उन्होंने सनातन धर्म के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया है।कार्यक्रम के दौरान नागा साधुओं ने संकल्प लिया कि हर व्यक्ति हर वर्ष एक पौधा लगाएगा और उसका संरक्षण करेगा। इस पहल के जरिए देशभर में पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम में अमृतेश्वर महादेव पीठाधीश्वर सहदेवानंद गिरी जी ने कहा, “यह दुर्भाग्य की बात है कि समाज के लोग अपनी संस्कृति और मर्यादाएं भूलते जा रहे हैं। लोग यहां पाप धोने आए, लेकिन पाप करके गए। स्वच्छता का ध्यान रखना और गंगा मां की मर्यादा को बनाए रखना उनकी जिम्मेदारी थी।”

सहदेवानंद गिरी ने कहा, “यह (महाकुंभ) पिकनिक करने की जगह नहीं थी, लेकिन जहां-तहां शराब की बोतलें पाई गईं, कपड़े पाए गए, गंदगी पाई गई। वहीं, प्रशासन के अधिकारी रात में भी स्वच्छता के लिए कार्य कर रहे हैं।”

इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागा साधु संत शामिल हुए और हर हर महादेव के घोष के साथ पर्यावरण बचाने का संकल्प लिया।