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20 से ज्यादा देशों में फैला कोरोना का ओमिक्रॉन वैरिएंट, बड़ा खतरा बता रहे वैज्ञानिक

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कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। कोविड-19 के इस स्वरूप ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। यह वायरस सबसे पहले यूरोप में मिला था। अब यह करीब 20 देशों में फैल चुका है। ऐसे में अब सभी के मन में एक सवाल गूंजने लगे हैं, क्या महामारी एक बार फिर बढ़ने वाली है?

नीदरलैंड्स नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर पब्लिक हेल्थ एंड द एनवायरनमेंट ने कहा है कि 19 नवंबर और 23 नवंबर को लिए गए नमूने ओमिक्रॉन वेरिएंट से संक्रमित पाए गए हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने दो संक्रमित लोगों को इसके बारे में सूचित कर दिया है। इसके प्रसार को सीमित करने के लिए उनके संपर्क में आने वाले लोगों को ढूंढने की कोशिश की जा रही है।

वैज्ञानिकों का कहना है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट वायरस के पिछले रूपों की तुलना में अधिक संक्रामक है। उन्होंने आगाह किया है कि वे अधिक परीक्षण और डेटा के बिना सुनिश्चित नहीं हो सकते हैं, लेकिन अब तक के सबूत चिंताजनक हैं।

मंगलवार को, यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने कहा कि इसने सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को प्रस्थान के 24 घंटों के भीतर किए गए टेस्टिंग की निगेटिव रिपोर्ट देनी होगी। संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए उड़ान भरने वाले लोगों के कोरोना वायरस परीक्षण और स्क्रीनिंग को सख्त करने की योजना बनाई गई है। एजेंसी के प्रवक्ता जेसन मैकडोनाल्ड ने कहा, “सीडीसी यात्रा के लिए मौजूदा वैश्विक परीक्षण आदेश को संशोधित करने के लिए काम कर रहा है।”

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मंगलवार को कहा कि ओमिक्रॉन से जोखिम “बहुत अधिक” है। उसने 60 वर्ष से अधिक उम्र के वैसे लोगों को यात्रा करने से बचने की सलाह दी है, जिन्हें टीके नहीं लगे हैं। ग्रीस के प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए COVID-19 का टीकाकरण अनिवार्य होगा। 16 जनवरी तक पहला शॉट नहीं लेने वाले या उसकी बुकिंग नहीं कराने वाले लोगों को जुर्माना भरना पड़ेगा।

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