नई दिल्ली, 17 फरवरी (ए)। पेट्रोल की बढ़ती कीमतों पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि मध्यम वर्ग को ऐसी कठिनाई नहीं होती, यदि पहले की सरकारों ने ऊर्जा आयात की निर्भरता पर ध्यान दिया होता।
ईंधन की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि का जिक्र किए बिना ही उन्होंने कहा कि 2019-20 में भारत ने अपनी घरेलू मांगों को पूरा करने के लिए 85 प्रतिशत तेल और 53 प्रतिशत गैस का आयात किया है।
तमिलनाडु एन्नौर-थिरुवल्लूर-बेंगलुरु-पुदुचेरी-नागापट्टिनम-मदुरै-तूतीकोरिन प्राकृतिक गैस पाइपलाइन के रामनाथपुरम- थूथूकुडी खंड का उद्घाटन करने के बाद अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा, ”क्या हमें आयात पर इतना निर्भर होना चाहिए? मैं किसी की आलोचना नहीं करना चाहता लेकिन यह जरूर कहना चाहता हूं कि यदि हमने इस विषय पर ध्यान दिया होता, तो हमारे मध्यम वर्ग को बोझ नहीं उठाना पड़ता।”
उन्होंने कहा, ”स्वच्छ और हरित ऊर्जा के स्रोतों की दिशा में काम करना और ऊर्जा-निर्भरता को कम करना हमारा सामूहिक कर्तव्य है। देश में पेट्रोल की कीमत आज पहली बार 100 रुपये के पार चली गयी। राजस्थान में पेट्रोल की कीमत ने शतक पूरा कर लिया जबकि मध्यप्रदेश में यह सैकड़ा लगाने के बेहद करीब पहुंच गयी। ज्ञात हो कि देश में ईंधन की कीमतें अंतरराष्ट्रीय दरों पर निर्भर रहती हैं।
