पूजा खेडकर ने मेडिकल कॉलेज में दाखिले के दौरान जमा किया था ‘फिटनेस’ प्रमाणपत्र

राष्ट्रीय
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मुंबई: 15 जुलाई (ए) शक्तियों और विशेषाधिकारों के कथित दुरूपयोग को लेकर विवादों में आईं भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की परिवीक्षाधीन अधिकारी पूजा खेडकर ने 2007 में एक निजी चिकित्सा महाविद्यालय में नामांकन कराने के दौरान ‘फिटनेस’ प्रमाणपत्र जमा किया था। संस्थान के निदेशक ने सोमवार को यह जानकारी दी।

पुणे के काशीबाई नवले मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ अरविंद भोरे ने कहा, ‘‘हमारे कॉलेज में 2007 में दाखिला लेने के दौरान पूजा खेडकर द्वारा सौंपे गये मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र में शारीरिक या मानसिक, किसी तरह की दिव्यांगता का उल्लेख नहीं किया गया था।’’भोरे ने मराठी टीवी चैनल एबीपी माझा से कहा, ‘‘उन्होंने जमा किये गए अपने प्रमाणपत्र में उल्लेख किया था कि वह घुमंतू जनजाति और वंजारी समुदाय से हैं। उन्होंने जाति प्रमाणपत्र और ‘गैर क्रीमी लेयर’ प्रमाणपत्र जमा किया था।’’निदेशक ने कहा कि पूर्ववर्ती कॉलेज छोड़ने संबंधी खेडकर के प्रमाणपत्र में उनके जन्म की तारीख 16 जनवरी 1990 है। उन्होंने यह प्रमाणपत्र भी जमा किया था।खेडकर (34) सिविल सेवा परीक्षा में चुने जाने के लिए कपटपूर्ण तरीके का इस्तेमाल करने के आरोपों का सामना कर रही है। उन्होंने खुद को कथित तौर पर शारीरिक रूप से दिव्यांग और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय का बताया था।

एक अधिकारी ने बताया कि सिविल सेवा परीक्षा में उम्मीदवारी सुनिश्चित करने और फिर चयन के लिए उनके द्वारा प्रस्तुत किये गये सभी दस्तावेजों की केंद्र द्वारा गठित एक सदस्यीय समिति द्वारा पुनः जांच की जाएगी।

पुणे पुलिस ने लाइसेंसी बंदूक के कथित दुरुपयोग को लेकर उनकी मां मनोरमा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

पुणे के पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने अहमदनगर के भालगांव गांव की सरपंच मनोरमा खेडकर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

हाल में वायरल हुए एक वीडियो क्लिप में मनोरमा को एक भूखंड को लेकर विवाद के दौरान एक किसान पर पिस्तौल तानते देखा गया। यह वीडियो कथित तौर पर 2023 का है।