काबुल,27 अगस्त (ए)। इस्तांबुल से भारत की राजधानी दिल्ली पहुंची अफगानिस्तान की महिला सांसद रंगिना कारगर को एयरपोर्ट से ही वापस इस्तांबुल भेज दिया गया। महिला सांसद स्वास्थ्य कारणों से 20 अगस्त को दुबई के रास्ते दिल्ली पहुंची थीं, लेकिन यहां पर उन्हें काफी देर इंतजार कराने के बाद एयरपोर्ट अधिकारियों ने दुबई के ही रास्ते इस्तांबुल भेज दिया।
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने दावा किया है कि महिला सांसद ने इस बर्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत में अफगानी हिंदू आ सकते हैं, लेकिन वहां की सांसद की यहाँ पर इंट्री नहीं है। वोलेसी जिरगा की सदस्य रंगिना कारगर फरयाब प्रांत का प्रतिनिधित्व करती थीं। उनका कहना है कि वह भारत स्वास्थ्य कारणों से आई थीं न कि यहां पर शरण लेने। उन्होंने कहा कि मेरे पास अधिकारिक पासपोर्ट होने के बाद भी मुझे एयरपोर्ट से बाहर जाने नहीं दिया गया। जबकि, मैं कई बार इसी पासपोर्ट से भारत आई हूं। दावा है कि एयरपोर्ट के सुरक्षा अधिकारियों ने उन्हें सुबह छह बजे से रात दस बजे तक बिठाकर रखा और फिर दुबई के ही रास्ते वापस इस्तांबुल भेज दिया।
रंगिना कारगर का कहना है कि वहां खाना दिया न ही पानी पूछा गया। जबकि, उन्हें बताया कि मैं संसद की सदस्य हूं। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि सुरक्षा कारण हो, हालात बदल गए हों, लेकिन जब अफगानिस्तान में फिर से सरकार लौट आएगी तब वे क्या करेंगे।
विदेश मंत्रालय को महिला सांसद रंगिना कारगर के साथ हुए इस बर्ताव की जानकारी नहीं थी। जानकारी होने के बाद संयुक्त सचिव जेपी सिंह ने घटना पर खेद जताया है। रंगिना कारगर का कहना है कि वापस भेजे जाने के बाद एक अधिकारी ने उनसे फोन पर बात की और खेद जताते हुए कहा कि जब कभी भी आप भारत आना चाहें आ सकती हैं। इसके लिए ऑनलाइन वीजा के लिए आवेदन करना होगा।
